Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बचपन में सà¤à¥€ शिशॠबिसà¥à¤¤à¤° में पेशाब कर देते हैं और à¤à¤¸à¤¾ होना आम है। वहीं, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ पांच-छह वरà¥à¤· के हो जाने पर à¤à¥€ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कर देते हैं। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ कर रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। बेशक, इस मामले को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लेने की जरूरत है, लेकिन à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि इसका इलाज नहीं हो सकता। हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की समसà¥à¤¯à¤¾ पर ही विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे। इस लेख में आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की इस समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण, निदान और इलाज के बारे में अचà¥à¤›à¥€ तरह समठपाà¤à¤‚गे।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने का मतलब कà¥à¤¯à¤¾ है?
बचà¥à¤šà¤¾ होश में तो अपने पेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ रख पाता है, लेकिन नींद में नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं रख पाते। à¤à¤¸à¤¾ जब पांच साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ के साथ होता है, तो उसे बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना (nocturnal enuresis) कहते हैं। à¤à¤• रिपोरà¥à¤Ÿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पांच साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के लगà¤à¤— 20 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ नींद में पेशाब करने की बीमारी से गà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होते हैं। 10 वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ और 18 वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के 1-2 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ बेड वेटिंग से पीड़ित होते हैं (1)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठकि ये कितना आम है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना कितना आम है?
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 7.61-16.3 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ (5 से 12 साल की उमà¥à¤° तक) नींद में पेशाब करने की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित हैं। इसमें जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ पांच से आठसाल तक की उमà¥à¤° के हैं और यह समसà¥à¤¯à¤¾ लड़कियों के मà¥à¤•ाबले लड़कों में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पाई जाती है (2)।
आगे जानिठकि बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के कितने पà¥à¤°à¤•ार होते हैं।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के पà¥à¤°à¤•ार
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ को दो à¤à¤¾à¤—ों में बांटा जा सकता है, जो इस पà¥à¤°à¤•ार है (3):
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग (Primary nocturnal enuresis) : जब बचà¥à¤šà¤¾ बचपन से ही बिसà¥à¤¤à¤° गीला करता आया हो और पांच वरà¥à¤· का होने के बाद à¤à¥€ यह जारी रहे, तो इसे पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग कहा जाता है।
सेकंडरी बेड वेटिंग (Secondary nocturnal enuresis) : इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में बचà¥à¤šà¤¾ लगà¤à¤— छह महीनों के लिठबिसà¥à¤¤à¤° गीला करना बंद कर देता है, लेकिन उसके बाद यह समसà¥à¤¯à¤¾ फिर शà¥à¤°à¥‚ हो जाती है।
अगर आप à¤à¥€ यह सोचते हैं कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता है, तो लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में इसका जवाब है। पहले जानिठपà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारण।
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारण
नींद में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कोई शरारत या आलस नहीं है, बलà¥à¤•ि इस समसà¥à¤¯à¤¾ के पीछे कà¥à¤› कारण हो सकते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (1):
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ : कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ बहà¥à¤¤ छोटा होता है, जिस कारण वो पेशाब की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ पर नियंतà¥à¤°à¤£ नहीं रख पाते। à¤à¤¸à¥‡ में तरल पदारà¥à¤¥ का जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेवन करने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव बन सकता है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मूतà¥à¤°à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है। इसके अलावा, कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखना सीखने में à¤à¥€ समय लगता है।
à¤à¤‚टीडाइयूरेटिक हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ : ये हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ शरीर में पेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखते हैं (4)। इनकी कमी से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अकà¥à¤¸à¤° बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की समसà¥à¤¯à¤¾ आ सकती है।
गहरी नींद : कई बार गहरी नींद की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव महसूस नहीं होता और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बाथरूम जाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता महसूस नहीं हो पाती। यह à¤à¥€ à¤à¤• कारण हो सकता है कि बचà¥à¤šà¥‡ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कर देते हैं।
पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारण जानने के बाद, आइठआपको बताà¤à¤‚ कि सेकंडरी बेड वेटिंग के कारण कà¥à¤¯à¤¾ हो सकते हैं।
सेकंडरी बेड वेटिंग के कारण
सेकंडरी बेड वेटिंग के कारण पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ बेड वेटिंग के कारणों से कà¥à¤› अलग हो सकते हैं, जैसे (1) (5):
यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹
किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾
सà¥à¤²à¥€à¤ª à¤à¤ªà¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ से पीड़ित (6)
कबà¥à¤œ के कारण
पिनवरà¥à¤® के कारण
बà¥à¤¾ हà¥à¤† थाइराइड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨
नींद में पेशाब करने की बीमारी के पीछे कà¥à¤› जोखिम कारक à¤à¥€ हो सकते हैं, जिनके बारे में हम लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में आपको बताà¤à¤‚गे।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के जोखिम कारक
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ के पीछे निमà¥à¤¨ जोखिम कारक हो सकते हैं (1) (7):
अगर बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता या दोनों में से कोई à¤à¤• बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से पीड़ित रहा हो।
लड़कियों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ लड़कों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
पांच से आठसाल की उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में यह समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
कमजोर आरà¥à¤¥à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में रहना।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• या मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारक से पीड़ित जैसे सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ या अवसाद।
किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की पारिवारिक की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
सिरà¥à¤« बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने से बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ का निदान नहीं होता। इसके लिठमेडिकल चेकअप की जरूरत होती है, जिसके बारे में हम लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में बता रहे हैं। आगे जानते हैं कि बेड वेटिंग का निदान किस पà¥à¤°à¤•ार किया जा सकता है।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने का निदान
आपका बचà¥à¤šà¤¾ बिसà¥à¤¤à¤° गीला कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता है, इसके पीछे मौजूद कारणों का पता निदान की मदद से लगाया जा सकता है। इसके लिठनिमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की जाती हैं (8):
मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ डायरी : इसमें आपको यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ पानी या अनà¥à¤¯ पेय पदारà¥à¤¥ का कितना सेवन करता है और बाथरूम का उपयोग कितनी बार करता है। इसके अलावा, आपको यह à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी है कि महीने में बचà¥à¤šà¤¾ कितनी बार बिसà¥à¤¤à¤° गीला करता है। सही निदान के लिठआपको बचà¥à¤šà¥‡ से जà¥à¥œà¥€ यह पूरी जानकारी डॉकà¥à¤Ÿà¤° को देनी होगी।
यूरिन टेसà¥à¤Ÿ : डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पेशाब की जांच कर सकते हैं। इस जांच से पेशाब में मौजूद बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या संकà¥à¤°à¤®à¤£ के बारे में पता लगाया जा सकता है। पेशाब में सफेद रकà¥à¤¤ कोशिकाओं और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का होना यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है।
अनà¥à¤¯ सà¥à¤•ैन : डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके बचà¥à¤šà¥‡ के कà¥à¤› और सà¥à¤•ैन à¤à¥€ कर सकते हैं, जैसे – अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤ˆ (MRI), यूरोडायनामिक टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग (Urodynamic testing)। इन सà¥à¤•ैन की मदद से बचà¥à¤šà¥‡ में मौजूद किसी जनà¥à¤® दोष या यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में किसी बà¥à¤²à¥‰à¤•ेज के बारे में पता लगाया जा सकता है। इन सà¥à¤•ैन से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ के आकार, कमजोर मांसपेशियों और मांसपेशियों की गतिविधियों के बारे में पता लगाया जा सकता है।
आगे जानिठकि अगर समय रहते नींद में पेशाब करने की बीमारी के कारण किस पà¥à¤°à¤•ार की जटिलताओं का सामना करना पड़ सकता है।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की जटिलताà¤à¤‚
हालांकि, बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की वजह से किसी गंà¤à¥€à¤° शारीरिक जटिलताओं का सामना नहीं करता पड़ता, लेकिन नीचे बताई गई कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आपके सामने जरूर आ सकती हैं (9):
सà¥à¤•िन रैशेज : रात à¤à¤° गीले बिसà¥à¤¤à¤° के समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• में रहने की वजह से बचà¥à¤šà¥‡ के गà¥à¤ªà¥à¤¤à¤¾à¤‚ग और उसके आसपास रैशेज हो सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के साथ à¤à¥€ हो सकता है, जो रात à¤à¤° डायपर पहन कर सोते हैं।
मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• जटिलताà¤à¤‚ : बचà¥à¤šà¥‡ के मन में बार-बार बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने को लेकर शरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी का à¤à¤¾à¤µ पैदा हो सकता है। इस वजह से उनके आतà¥à¤®à¤¸à¤®à¥à¤®à¤¾à¤¨ में कमी आ सकती है।
आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ की कमी : पेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ न रख पाने की वजह से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पास से अकà¥à¤¸à¤° पेशाब की बदबू आने लगती है। इस वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ लोगों के बीच उठने-बैठने में आतà¥à¤®à¤µà¤¿à¤¶à¥à¤µà¤¾à¤¸ की कमी होने लगती है।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठबिसà¥à¤¤à¤° गीला करने से बचाव।
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ होने से रोकने या बचाव के टिपà¥à¤¸ | Bistar Gila Na Karne Ke Upay
बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बचाने के लिठआप नीचे बताठगठबचाव उपाय अपना सकते हैं (10):
बचà¥à¤šà¥‡ में हर दो से तीन घंटे में बाथरूम जाने की आदत डालें। कोशिश करें कि वह दिन में कम से कम चार से सात बार बाथरूम जाà¤à¥¤
कोशिश करें कि बचà¥à¤šà¤¾ रात के समय जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन न करे, बलà¥à¤•ि सà¥à¤¬à¤¹ उठने से लेकर शाम 5 बजे तक अचà¥à¤›à¥€ तरह पानी पिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कॉफी, साइटà¥à¤°à¤¸ जूस और सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ पीने से रोकें। ये शरीर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ यूरिन का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर सकते हैं।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ कबà¥à¤œ से पीड़ित है, तो उसका जलà¥à¤¦ इलाज करवाà¤à¤‚।
इन बचाव उपाय के अलावा जीवनशैली में कà¥à¤› परिवरà¥à¤¤à¤¨ लाने से à¤à¥€ बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम मिल सकता है। लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में हम इसी मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‡ पर बात करेंगे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में बेडवेटिंग को रोकने के लिठजीवनशैली में बदलाव
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की जीवनशैली में कà¥à¤› परिवरà¥à¤¤à¤¨ ला कर आप उनकी बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की समसà¥à¤¯à¤¾ का हल कर सकते हैं। ये परिवरà¥à¤¤à¤¨ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हो सकते हैं (1):
रात को सोने से पहले बचà¥à¤šà¥‡ की बाथरूम जाने की आदत डलवाà¤à¤‚।
उसे रात के खाने से पहले पेय पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में जूस या किसी और डà¥à¤°à¤¿à¤‚क की जगह सूप पीने की आदत डलवाà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• बार में पानी का पूरा गिलास पीने की आदत डलवाà¤à¤‚। बार-बार में थोड़ा-थोड़ा पानी पीने से मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर दबाव पड़ेगा।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इस बात का टाइम टेबल बनाà¤à¤‚ कि पानी पीने के कितने समय बाद बचà¥à¤šà¥‡ को बाथरूम à¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ है और वैसा ही करें। इस पà¥à¤°à¤•ार को बचà¥à¤šà¥‡ को धीरे-धीरे समठआने लगेगा कि उसका मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ कितने समय में à¤à¤° जाता है और उसे पेशाब करने की जरूरत कब पड़ती है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को डांटने की जगह उनसे बात करें और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ समà¤à¤¾à¤à¤‚ कि यह à¤à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है जिससे राहत पाई जा सकती है। डांटने से बचà¥à¤šà¤¾ घबरा सकता है और उसे ठीक होने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय लग सकता है।
उपचार के दौरान, जब-जब बचà¥à¤šà¤¾ रात à¤à¤° बिसà¥à¤¤à¤° गीला न करे, तो उसे शाबाशी दें। इससे उसका आतà¥à¤®à¤¬à¤² बà¥à¥‡à¤—ा और समसà¥à¤¯à¤¾ का उपचार जलà¥à¤¦ हो पाà¤à¤—ा।
जीवनशैली में बदलाव लाने के साथ कà¥à¤› चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ इलाज à¤à¥€ जरूरी हैं। आगे जानिये बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने के इलाज के बारे में।
बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने का इलाज | Bistar Gila Karne Ka Ilaj
यहां हम आपको ये बता दें कि बेड वेटिंग का इलाज पांच वरà¥à¤· से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आयॠके बचà¥à¤šà¥‡ का ही किया जाता है। अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ इससे छोटा है, तो कà¥à¤› समय इंतजार करें। अगर पांच साल से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° होने के बाद à¤à¥€ वह बिसà¥à¤¤à¤° गीला करता हो, तो आप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ से उसका इलाज करवा सकते हैं। बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ का चिकितà¥à¤¸à¤•ीय इलाज कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार किया जा सकता है :
डेसà¥à¤®à¥‹à¤ªà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¿à¤¨ : यह दवा रात में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेशाब की मातà¥à¤°à¤¾ को कम कर सकती है। इसे बेड वेटिंग के पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है। इसकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 200mg खà¥à¤°à¤¾à¤• बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है (11)।
बेडवेटिंग अलारà¥à¤® : कई डॉकà¥à¤Ÿà¤° माता-पिता को बेडवेटिंग अलारà¥à¤® लगाने की सलाह à¤à¥€ देते हैं। इस अलारà¥à¤® में à¤à¤• सेंसर होता है, जिसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पायजामे या अंडरवियर में लगाया जाता है। यह नमी को सेंस करता है और बजने लगता है। इससे बचà¥à¤šà¥‡ की नींद खà¥à¤² जाती है और वह बिसà¥à¤¤à¤° गीला न करके बाथरूम का उपयोग करता है। à¤à¤¸à¥‡ धीरे-धीरे उसकी रात में उठने की आदत पड़ जाती है और फिर उसकी अलारà¥à¤® के बिना à¤à¥€ नींद खà¥à¤²à¤¨à¥‡ लगती है (12)।
डिटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¨ : जब तक बचà¥à¤šà¤¾ बड़ा न हो जाठऔर अपने मूतà¥à¤° पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ पर नियंतà¥à¤°à¤£ करना न सीख जाà¤, तब तक उसे डिटà¥à¤°à¥‹à¤ªà¤¨ दी जा सकती है। यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखने में मदद करती है (13)।
à¤à¤‚टीबायोटिक : अगर जांच में बचà¥à¤šà¥‡ के मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ में किसी पà¥à¤°à¤•ार का संकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता चलता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤‚टीबायोटिक लेने की सलाह दे सकते हैं। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® करके, बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम दिला सकते हैं (13)।
टोफà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¿à¤² और नॉरपà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¿à¤¨ : बेड वेटिंग के इलाज में ये दोनों दवाइयां लेने की सलाह à¤à¥€ दी जा सकती है। ये दोनों 40 से 60 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ साबित हà¥à¤ˆ हैं, लेकिन इनका सेवन बंद करते ही समसà¥à¤¯à¤¾ फिर शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है (5)।
नोट : इन सà¤à¥€ दवाइयों के अपने दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकते हैं, इसलिठइनका सेवन डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ पर ही करें। अपने चिकितà¥à¤¸à¤• से बात किठबिना इनमें से किसी à¤à¥€ दवा का सेवन न करें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ इलाज के साथ आप घरेलू उपचार का à¤à¥€ उपयोग कर सकते हैं। ये नà¥à¤¸à¥à¤–े बचà¥à¤šà¥‡ की नींद में पेशाब करने की बीमारी से राहत दिला सकते हैं।
बेडवेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठघरेलू उपचार | Bistar Gila Na Karne Ke Desi Nuskhe
कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–ों की मदद से आप इस समसà¥à¤¯à¤¾ से उबरने में अपने बचà¥à¤šà¥‡ की मदद कर सकते हैं। आप नीचे बताठगठकà¥à¤› घरेलू उपचार अपना सकते हैं :
बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ : मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का कमजोर होना बिसà¥à¤¤à¤° गीला करने की बीमारी à¤à¤• बहà¥à¤¤ बड़ा कारण है। ये मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ का पूरी तरह विकास न होने या आकार छोटे होने की वजह से हो सकता है (1)। à¤à¤¸à¥‡ में बà¥à¤²à¥ˆà¤¡à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ आपके बचà¥à¤šà¥‡ की मदद कर सकती है। यह à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हो सकती है :
जब à¤à¥€ बचà¥à¤šà¤¾ पेशाब करना चाहे तो उसे लगà¤à¤— 10-15 मिनट के लिठपेशाब पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखना सिखाà¤à¤‚। à¤à¤¸à¤¾ करने से धीरे-धीरे उनके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ लगेगी। इस à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ से शà¥à¤°à¥‚ में समसà¥à¤¯à¤¾ बॠसकती है। हो सकता है कि इस दौरान वो बार-बार अपना पायजामा गीला करे, लेकिन इस वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डांटे नहीं, बलà¥à¤•ि संयम के साथ उसे समà¤à¤¾à¤à¤‚।
कीगल à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ से à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ में कà¥à¤› सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है (14)। इसे करने के लिठबचà¥à¤šà¥‡ का मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पूरी तरह खाली करवा कर उसे योग मेट पर लेटाà¤à¤‚। फिर उसे अपनी पेलà¥à¤µà¤¿à¤• मसलà¥à¤¸ को अंदर खीचने के लिठकहें, जैसे मूतà¥à¤° और मल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ रोकने के लिठकिया जाता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में तीन से पांच सेकंड तक रहें। फिर मसलà¥à¤¸ को ढीला छोड़ने के लिठकहें और 5 सेकंड बाद दोहराà¤à¤‚ (15)। इसे 10-10 बार दिन में तीन बार दोहरा सकते हैं।
दालचीनी : जैसा कि बेड वेटिंग के सेकंडरी पà¥à¤°à¤•ार में हमने बताया कि इसके पीछे à¤à¤• कारण मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ à¤à¥€ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में आप दालचीनी का उपयोग कर सकते हैं। यह शरीर में इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को बेहतर करती है और बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज के सà¥à¤¤à¤° को कम करके मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ से आराम दिलाने में मदद कर सकती है (16)। आप बचà¥à¤šà¥‡ के दूध, आइसकà¥à¤°à¥€à¤®, सरेलेक या चोकोस के ऊपर दालचीनी पाउडर डाल कर उसे खिला सकते हैं।
कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस : यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर नियंतà¥à¤°à¤£ न होने का कारण हो सकता है और इस बारे में आपने बेड वेटिंग के कारणों में जाना। यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज करने के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤°à¥ˆà¤¨à¤¬à¥‡à¤°à¥€ जूस का सेवन करवा सकते हैं। इसमें à¤à¤‚टी-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को खतà¥à¤® करते हैं और आपको समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत पाने में मदद कर सकते हैं (17)। इसके खटà¥à¤Ÿà¥‡-मीठे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की वजह से बचà¥à¤šà¤¾ इसे पीना जरूर पसंद करेगा। इसे आप बचà¥à¤šà¥‡ को नाशà¥à¤¤à¥‡ के साथ या शाम को सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ के साथ दे सकते हैं।
सेब का सिरका : अगर बचà¥à¤šà¥‡ को नींद में पेशाब करने की बीमारी यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से है, तो सेब का सेवन करने से à¤à¥€ इस समसà¥à¤¯à¤¾ से आराम पाया जा सकता है। शोध में पाया गया है कि इसमें कई पà¥à¤°à¤•ार के à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से लड़ते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पनपने से रोकते हैं (18)। इसका उपयोग करने के लिठआप à¤à¤• गिलास पानी में सेब का सिरका मिलाकर बचà¥à¤šà¥‡ को पिला सकते हैं। आप चाहें तो सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के लिठउसमें à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद à¤à¥€ मिला सकते हैं। इस पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— को शाम को या नाशà¥à¤¤à¥‡ के बाद किया जा सकता है।
आंवला : मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ और कबà¥à¤œ की वजह से हो रही सेकंडरी बेड वेटिंग के लिठआंवला का उपयोग करना लाà¤à¤•ारी साबित हो सकता है। इसमें à¤à¤‚टी-डायबिटिक गà¥à¤£ होते हैं, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करते हैं (19)। इसके उपचार के लिठआप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को साबà¥à¤¤ आंवला खिला सकते हैं या नाशà¥à¤¤à¥‡ के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š आंवला का जूस पिला सकते हैं।
शहद : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ को दूर करने के लिठशहद का à¤à¥€ उपयोग किया जा सकता है। इसके लिठआप à¤à¤• गिलास पानी में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद मिला कर बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट पिला सकते हैं (20)। इसके अलावा, आप बचà¥à¤šà¥‡ को रात को सोने से पहले à¤à¥€ लगà¤à¤— 5 ml शहद चटा सकते हैं (21)।
सरसों के बीज : मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯ पर नियंतà¥à¤°à¤£ न रहना, कई बार बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में किसी संकà¥à¤°à¤®à¤£ की तरफ इशारा हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में, बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को सरसों का सेवन करवाने से फायदे मिल सकते हैं। सरसों में à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं, जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलाने वाले जीवाणॠको नषà¥à¤Ÿ कर सकते हैं और बचà¥à¤šà¥‡ को संकà¥à¤°à¤®à¤£ व बेड वेटिंग से आराम दिलवा सकते हैं (22)।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में जानिठकि बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब ले जाना चाहिà¤à¥¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤
आप बचà¥à¤šà¥‡ को डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास नीचे बताई गई परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में ले जा सकते हैं (23) :
अगर बचà¥à¤šà¤¾ 5 वरà¥à¤· से बड़ा है और à¤à¤• महीने में दो से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार बिसà¥à¤¤à¤° गीला कर रहा है।
अगर बचà¥à¤šà¥‡ को पेशाब करते समय खून निकलता हो व दरà¥à¤¦ हो रहा हो। साथ ही उसे बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से समà¥à¤ªà¤°à¥à¤• करें।
अगर बचà¥à¤šà¤¾ छह महीने बिसà¥à¤¤à¤° गीला न करने के बाद, दोबारा बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना शà¥à¤°à¥‚ कर दे।
अगर आप तमाम तरह के घरेलू उपचारों को अपना चà¥à¤•े हों और कोई फायदा न मिल रहा हो।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना आनà¥à¤µà¤‚शिक होता है?
जी हां, जैसा कि हमने लेख के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में बताया कि बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ आनà¥à¤µà¤‚शिक होती है। अगर बचà¥à¤šà¥‡ के माता-पिता, दोनों को यह समसà¥à¤¯à¤¾ थी, तो 75 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ आशंका है कि बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ यह समसà¥à¤¯à¤¾ होगी। वहीं, अगर दोनों में से किसी à¤à¤• को बेड वेटिंग की समसà¥à¤¯à¤¾ थी, तो 50 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ आशंका होती है कि बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ होगी (1)।
कà¥à¤¯à¤¾ नींद में पेशाब करने की बीमारी लड़कियों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लड़कों में होती है?
जी हां, शोध में पाया गया है कि नींद में बिसà¥à¤¤à¤° गीला की बीमारी लड़कियों से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लड़कों में होती है (7)।
इस लेख को पà¥à¤¨à¥‡ के बाद आप समठगठहोंगे कि नींद में बिसà¥à¤¤à¤° गीला करना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की कोई शरारत नहीं होती और न ही इसमें उनकी कोई गलती होती है। इसलिà¤, जब à¤à¥€ वो बिसà¥à¤¤à¤° गीला करें, तो उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ डांटने की जगह उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤¯à¤¾à¤° और धैरà¥à¤¯ के साथ समà¤à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें। साथ ही इस बीमारी से उबरने में उनकी मदद करें। अगर इस पर समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाà¤, तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के बड़े हो जाने के बाद यह उनके और आपके लिठशरà¥à¤®à¤¿à¤‚दगी का कारण बन सकता है।
| --------------------------- | --------------------------- |